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Geeth Naya Gata Hun - Atal Bihari Vajpayee Poem

Geeth Naya Gata Hun - Atal Bihari Vajpayee Poem टूटे हुए तारों से फूटे वासन्ती स्वर, पत्थर की छाती में उग आया नव अंकुर, झरे सब पीले पात, कोयल की कुहुक रात, प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूँ गीत नया गाता हूँ टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी? अन्तर को चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी हार नहीं मानूँगा, रार नई ठानूँगा, काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ गीत नया गाता हूँ toote hue taron se phoote vaasanthi svar, patthar ki chaati me ug aayaa nav ankur, jhare sab pile paath, koyal ki kahak raat, praachi me arunima ki rekh dekh paathaa hun, geeth naya gaatha hun, toote hue sapno ki sune kaun siski, antar ko cheer vyatha palakon par titki, haar nahi mangonga, raar nahi tthanoonga, kaal ke kapal par likhata-mitatha hun geeth naya gaatha hun

Apne Hi Man Se Kuch Bole - Atal Bihari Vajpayee Poem

अपने ही मन से कुछ बोलें क्या खोया, क्या पाया जग में मिलते और बिछुड़ते मग में मुझे किसी से नहीं शिकायत यद्यपि छला गया पग-पग में एक दृष्टि बीती पर डालें, यादों की पोटली टटोलें! पृथ्वी लाखों वर्ष पुरानी जीवन एक अनन्त कहानी पर तन की अपनी सीमाएँ यद्यपि सौ शरदों की वाणी इतना काफ़ी है अंतिम दस्तक पर, खुद दरवाज़ा खोलें! जन्म-मरण अविरत फेरा जीवन बंजारों का डेरा आज यहाँ, कल कहाँ कूच है कौन जानता किधर सवेरा अंधियारा आकाश असीमित,प्राणों के पंखों को तौलें! अपने ही मन से कुछ बोलें!

Atal Bihari Vajpayee Poem - Hindu Tan Man Hindu Jivan

हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥ मै शंकर का वह क्रोधानल कर सकता जगती क्षार क्षार डमरू की वह प्रलयध्वनि हूं जिसमे नचता भीषण संहार रणचंडी की अतृप्त प्यास मै दुर्गा का उन्मत्त हास मै यम की प्रलयंकर पुकार जलते मरघट का धुँवाधार फिर अंतरतम की ज्वाला से जगती मे आग लगा दूं मै यदि धधक उठे जल थल अंबर जड चेतन तो कैसा विस्मय हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥ मै आज पुरुष निर्भयता का वरदान लिये आया भूपर पय पीकर सब मरते आए मै अमर हुवा लो विष पीकर अधरोंकी प्यास बुझाई है मैने पीकर वह आग प्रखर हो जाती दुनिया भस्मसात जिसको पल भर मे ही छूकर भय से व्याकुल फिर दुनिया ने प्रारंभ किया मेरा पूजन मै नर नारायण नीलकण्ठ बन गया न इसमे कुछ संशय हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥ मै अखिल विश्व का गुरु महान देता विद्या का अमर दान मैने दिखलाया मुक्तिमार्ग मैने सिखलाया ब्रह्म ज्ञान मेरे वेदों का ज्ञान अमर मेरे वेदों की ज्योति प्रखर मानव के मन का अंधकार क्या कभी सामने सकठका सेहर मेरा स्वर्णभ मे गेहर गेहेर सागर के जल मे चेहेर चेहेर इस कोने से उस कोने तक कर सकता जगती सौरभ म...

Atal Bihari Vajpayee Birth Day

Many Many Happy Returns of the day Vajpayee ji. Atal Bihari Vajpayee born 25 December 1924) is an Indian statesman, who served as the 11th Prime Minister of India from 1998 to 2004). After a brief stint as Prime Minister in 1996, Vajpayee headed a coalition government from 19 March 1998 until 19 May 2004. He served as a Member of Parliament(MP) from Lucknow until 2009, and has since retired from active politics. Read more about Vajpayee ji @  http://en.wikipedia.org/wiki/Atal_Bihari_Vajpayee